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एनएचएम कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा सात सूत्रीय मांग पत्र

मिर्जापुर। अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं एनएचएम (NHM) कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर मिर्जापुर जनपद शाखा ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। मंगलवार को संघ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रांगण में एक दिवसीय धरना आयोजित कर अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग ऑफिसर, डाटा ऑपरेटर, एंबुलेंस सेवा सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान उनकी भूमिका सराहनीय रही, लेकिन आज भी उन्हें अल्प वेतन पर काम करना पड़ रहा है। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग करते हुए उन्होंने खुद को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की अपील की।
संघ द्वारा प्रस्तुत सात सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से एनएचएम कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, कर्मचारी कल्याण बोर्ड की स्थापना, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की मांग की गई है। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त 10 लाख रुपये की धनराशि देने और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान लागू करने की मांग शामिल है। एनएचएम कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
धरने में संघ के अध्यक्ष आशुतोष उपाध्याय, महामंत्री अरुण, मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्र, मंत्री पंकज, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार, सुचेता कुमारी, राजकुमार उपाध्याय, डॉ. आरती, डॉ. राकेश तिवारी, अनुज, मेराज अहमद, राहुल, विभा शुक्ला सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।