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गोरखपुर

एआई तकनीक से शिक्षा को नई दिशा देने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

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Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University में ‘युवा मस्तिष्क के लिए एआई आधारित शिक्षा’ पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 28 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग परिसर में ‘युवा मस्तिष्क के लिए एआई आधारित शिक्षा’ विषय पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण शैक्षणिक गरिमा एवं सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।

संगोष्ठी में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष मिश्रा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं तथा शिक्षा प्रणाली में इसके बढ़ते प्रभाव पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित शिक्षण प्रणाली छात्रों की सीखने की क्षमता को समझकर उन्हें व्यक्तिगत, रुचि-आधारित एवं अधिक प्रभावी शिक्षा प्रदान कर सकती है। यह तकनीक न केवल ज्ञान अर्जन को सरल बनाती है, बल्कि विद्यार्थियों के तार्किक, विश्लेषणात्मक एवं रचनात्मक कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में शिक्षा प्रणाली तकनीक-समर्थित, डिजिटल-केंद्रित तथा नवाचार-आधारित होगी, ऐसे में युवाओं का एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचित होना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सत्यपाल सिंह, समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल एवं तकनीकी क्रांति का युग है, जिसमें युवाओं को केवल परंपरागत शिक्षा तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, नवाचार एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ा जाए, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए स्वयं को सक्षम बना सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा तक सीमित न होकर युवाओं के समग्र व्यक्तित्व निर्माण से भी जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. कुसुम रावत, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी रहीं। उन्होंने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा प्रतिभागियों को तकनीकी नवाचारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा में नवाचार को अपनाने एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग करने हेतु प्रेरित किया।

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संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के कर्मचारीगण श्री बालेन्द्र यादव, श्री विनीत सिंह, श्री राजेन्द्र मौर्य सहित बड़ी संख्या में एनएसएस के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने विषय पर गहन रुचि दिखाते हुए एआई आधारित शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण की संभावनाओं से अवगत कराना, उनमें तकनीकी जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें भविष्य की शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। संगोष्ठी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई।

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