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वाराणसी

उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरण से पलटा पासा, युवा मतदाताओं की नाराजगी का भी चुनाव परिणाम पर पड़ा असर: डॉ ए.के. सिंह

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वाराणसी। बीजेपी बनाम इंडिया गठबंधन के चुनावी माहौल के बारे में ‘सिंह मेडिकल एंड सर्जिकल सेंटर’ के प्रबंध निदेशक और ‘जीवनदीप शिक्षण समूह’ के चेयरमैन डॉक्टर अशोक कुमार सिंह ने कहा कि, पहले और दूसरे चरण में भाजपा का पलड़ा भारी था। लेकिन तीसरे, चौथे और पांचवें चरण तक आते-आते इंडिया गठबंधन कांटे की टक्कर देने लगी। इसकी वजह से लोगों का रुझान भी बदल गया। बीजेपी ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे बड़े मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया और इस मुद्दे को इंडिया गठबंधन ने प्रमुखता से उठाया। दूसरे चरण के बाद इसका असर दिखने लगा। गुजरात के राजकोट में भाजपा प्रत्याशी के बदलने के संदर्भ में राजपूतों ने आंदोलन किया फिर भी बीजेपी ने उनके आंदोलन को नजरअंदाज कर राजपूत वोटरों को नाराज कर दिया।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जो बदलाव देखने को मिल रहा है उसमें राजपूतों का माइंडसेट बदल गया है। सीएम योगी के चुनावी दौरे का भी प्रभावी असर नहीं दिखा। भाजपा के अंदरूनी खबरों ने भी यूपी के वोटरों का माइंडसेट बदल दिया क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पदमुक्त करने की जो बातें चल रही थी उसका भी वोटरों के मन पर काफी व्यापक असर पड़ा। इसलिए यूपी के वोटरों ने गृह मंत्री अमित शाह के अभिमान को तोड़ने के लिए उन्हें सबक सिखाने की ठानी। समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में बढ़त मिलने का सबसे प्रमुख कारण यादव और मुस्लिम वोटरों की एकजुटता है। इसके अलावा राजपूतों का भारतीय जनता पार्टी से नाराज होने से भी समाजवादी पार्टी का वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है।

400 पार के बाद संविधान बदलने से जुड़े सवाल के जवाब में डॉक्टर ए.के. सिंह ने कहा कि, देश में शिक्षित लोग हैं जिन्होंने संविधान को पढ़ा और समझा है। इसके अलावा आरक्षण के मुद्दे को भी लेकर वोटर्स संशय में थे। 400 से भी कम सीटें आने का सबसे बड़ा कारण जातिगत समीकरण, महंगाई, बेरोजगारी और साथ ही साथ राजपूतों की नाराजगी प्रमुख है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 80 में से 80 सीट आने के दावे से जुड़े सवाल के जवाब में डॉक्टर अशोक ने कहा कि, मुस्लिम और यादव वोटरों की एकजुटता की वजह से समाजवादी पार्टी को इस लोकसभा चुनाव में काफी बढ़त मिली है। इसके अलावा यूपी के लाखों युवा उत्तर प्रदेश पुलिस परीक्षा रद्द होने के कारण और शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी न होने के वजह से भी सरकार से काफी नाराज था। जिसका असर इस बार साफ-साफ दिख रहा है।

काशी में मोदी मैजिक के बारे में डॉक्टर अशोक ने कहा कि, पीएम मोदी ने देश के लिए काफी काम किया है और अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में काफी अच्छा काम किया है। लेकिन इस बार वोटों का मार्जिन कुछ खास ना होने का कारण नगर निगम कर्मचारी, विधायक, जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी है। क्योंकि उनके प्रमुख मुद्दे/समस्याओं को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी।

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इसके अलावा डॉक्टर अशोक सिंह ने शहरी जनता और ग्रामीण जनता के बारे में बात करते हुए बताया कि, यह कहना पूरी तरह से गलत है कि इस बार ग्रामीण जनता पीएम नरेंद्र मोदी से नाराज थी। क्योंकि पीएम मोदी ने ग्रामीण जनता के लिए भी काफी काम किया है। जिनमें जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, इज्जत घर, मनरेगा और प्रति महीने 5 किलो मुफ्त राशन जैसे सर्वोत्तम योजनाओं का लाभ दिया है। लेकिन वास्तविक रूप से इस पर मंथन करें तो उत्तर प्रदेश और बिहार में आज भी जाति समीकरण टूटा नहीं है। लोग जाति-धर्म के नाम पर ही वोट करते हैं।

एनडीए सरकार बनने पर सरकार को कुछ प्रमुख मुद्दों पर ध्यान देना होगा जिनमें महंगाई, बेरोजगारी जैसी समस्या को दूर करना है और आम नागरिकों को जीएसटी में राहत भी देना है।

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