वाराणसी
अवैध कफ सीरप नेटवर्क पर ईडी का शिकंजा, कई ठिकानों पर छापेमारी
वाराणसी। कफ सीरप के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार सुबह देशभर में एक साथ छापेमारी शुरू की। ईडी की टीमें वाराणसी, जौनपुर, लखनऊ, सहारनपुर, रांची (झारखंड) और अहमदाबाद (गुजरात) में कुल 25 स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं।
वाराणसी में ईडी की टीमों ने मुख्य आरोपित शुभम और उसके सहयोगियों के आवासों पर पहुंचकर तलाशी ली। शुभम के सहयोगी देवेश के घर पर भी छापेमारी की गई। इसके अलावा बादशाहबाग, प्रहलाद घाट समेत शहर के कई अन्य स्थानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है। टीमें सुबह से ही दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हैं।
ईडी अधिकारियों के अनुसार कफ सीरप का अवैध कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे समाज में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अवैध नेटवर्क में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
छापेमारी के दौरान ईडी टीमों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य एकत्रित किए हैं। इन दस्तावेजों से अवैध कारोबार के नेटवर्क को समझने और अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा लगातार सामने आए कफ सीरप से जुड़े मामलों के मद्देनज़र यह कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा करते हैं।
शुभम जायसवाल के घर पर पूछताछ
कफ सीरप प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे शुभम जायसवाल के बादशाहबाग स्थित आवास पर ईडी टीम ने परिजनों से विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ में सेंट्रल रिजर्व फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिवार से आय के पारंपरिक स्रोतों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी मांगी। सुरक्षा बलों की उपस्थिति में दोपहर बाद तक जांच जारी रही।
ईडी की यह कार्रवाई स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए कथित धोखाधड़ी की जांच को आगे बढ़ाने में बेहद अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस अभियान से अवैध कारोबार में जुड़े कई चेहरों से पर्दा उठने की संभावना है।
सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह स्वास्थ्य से जुड़े अवैध कारोबारों पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर है और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रखेगी।
