वाराणसी
अपहरण का नाटक करने वाले अधिवक्ता को सर्विलांस, एसओजी और मण्डुवाडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने किया प्रयागराज रेलवे स्टेशन से बरामद
बैंक कर्ज से बचने के लिए रची थी साजिश
वाराणसी। जिले की सर्विलांस, एसओजी और थाना मण्डुवाडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने 27 मार्च को लखनपुर (थाना मण्डुवाडीह अंतर्गत) से अपहृत हुए अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार पटेल को सोमवार को प्रयागराज रेलवे स्टेशन के पास से रात 9: 25 बजे बरामद किया।
इस मामले में पुलिस ने जब जांच पड़ताल की तब पता चला कि, अधिवक्ता सुरेन्द्र पटेल ने 20 मार्च को प्लान के तहत OLX से पुराना मोबाईल खरीदा और उसी दिन उसमें नया सिम लगाया लेकिन किसी से बात नहीं किया। लेकिन 27 मार्च के दिन अपना नया और पुराना मोबाईल बन्द रखा। इसके बाद 28 मार्च को बिजनौर में नया मोबाइल ऑन किया। हरियाणा, पंजाब व गुजरात होते हुए 4 अप्रैल को मुंबई गया और वहां पर 14 अप्रैल तक रहा। उसी दिन शाम को मध्य प्रदेश पहुंचा और नया मोबाईल बन्द कर पुराना मोबाईल ऑन किया था।

पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर अधिवक्ता सुरेंद्र ने बताया कि, “मेरे द्वारा कई बैंकों से लोन लिया गया था, जिसकी किस्तें टूट रही थी। बैंकों द्वारा बार-बार इस सम्बन्ध में मुझे फोन किया जा रहा था, मैं तंग आ गया था। बहुत सारा नंबर बैंकों का मैंनें ब्लाक कर दिया था। लेकिन नये नये नंम्बरों से फोन आ रहा था। परेशान होकर मैंने अपना सिम बन्द कर, नया फोन व सिम लेकर गायब हो गया और अपहरण की झूठी सूचना दे दी। 27 मार्च के दिन अपने बाईक से 11 बजे घर से निकला। योजना के तहत अपनी बाईक को गेट नंबर 4 फुलवरिया रेलवे गुमटी के पास खड़ा कर दिया और वहाँ से पैदल ही कैण्ट स्टेशन जाकर ट्रेन पकड़कर बिजनौर,हरियाणा, गुजरात होते हुए मुम्बई चला गया। जाते समय रास्ते से अपने भाई को भ्रमित करने के लिए एक टेक्स्ट मैसेज कर खुद के अपहरण का नाटक किया, जिससे कि मेरे घर वाले गेट नंबर 4 पर पहुँचकर मेरी बाईक वहाँ से प्राप्त कर लें।”
पुलिस ने अधिवक्ता सुरेंद्र के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किया है। अधिवक्ता को बरामद करने वाली पुलिस टीम में सर्विलांस, एसओजी और थाना मण्डुवाडीह की पुलिस संयुक्त रूप से शामिल रही।
